कोलकाता । राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अचिंत श्यूली काफी गरीबी में पले हैं हावड़ा जिले के देउलपुर निवासी अचिंत सिर्फ दो कमरो के आवास में रहते हैं । उनकी मां ने अंचित की अब तक की ट्रॉफियों को फटी साड़ी में बांधकर सुरक्षित रखा है । बर्मिंघम में 73 भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सोमवार को अचिंत जब अपने घर पहुंचे तो उनकी मां ने पुरानी ट्रॉफियों को एक स्टूल पर रखकर फिर से व्यवस्थित रखा था अचिंत के घर पहुंचने के बाद उनकी मां पूर्णिमा श्यूली काफी खुश थी । उन्होंने अपने छोटे बेटे से कहा , अब अपनी सारी ट्रॉफी और पदक रखने के लिए एक अलमारी खरीद लो ।
पूर्णिमा श्यूली ने कहा , उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका बेटा देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेगा ।
उन्होंने कहा , मुझे पता था कि अचिंत के आने पर रिपोर्टर और फोटोग्राफर भी आएंगे । इसलिए मैंने पहले ही ये ट्रॉफी और मेडल निकालकर व्यवस्थित कर लिए थे
घर के सामने खड़े लोग बताते हैं समय बदल गया पूर्णिमा ने कहा 2013 में उनके पति जगत मौत के बाद आलोक और अचिंत को बड़ी कठिनाई से पाला है । उन्होंने कहा , भगवान ने हम पर आशीर्वाद बरसाना शुरू कर दिया है । हमारे हमारे घर के सामने इकट्ठा होने वाले लोगों की संख्या बताती है कि समय बदल गया है । किसी को भी यह एहसास नहीं पाएगा कि मेरे लिए अपने दोनों बेटों का पालन - पोषण करना कितना कठिन था उन्होंने , एक समय ऐसा था जब किसी दिन बिना कुछ खाए ही रहना पड़ता था । रोटी का एक टुकड़ा भी मुश्किल से नसीब होता सरकार से मदद की उम्मीद बचपन में कई मुसीबतों का सामना करने वाले 20 वर्षीय अचिंत ने सफलता का श्रेय अपनी मां और कोच अस्तम को दिया । अचिंत ने , मां और कोच ने मुझे खिलाड़ी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार हमारी कुछ मदद करेगी जिससे परिवार की मुश्किलें करने में मदद मिलेगी । अचिंत ने कहा मेरे और परिवार के लिए जिंदगी कभी आसान नहीं रही । एक रोटी बड़ी मुश्किल से नसीब था । उन्होंने कहा सरकार मदद हो जाए तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार जाएगा ।
रोटी का एक टुकड़ा भी मुश्किल से नसीब होता था सरकार से मदद की उम्मीद बचपन में कई मुसीबतों का सामना करने वाले 20 वर्षीय अचिंत ने सफलता का श्रेय अपनी मां और कोच अस्तम दास को दिया । अचिंत ने कहा , मां और कोच ने मुझे खिलाड़ी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार हमारी कुछ मदद करेगी जिससे परिवार की मुश्किलें दूर करने में मदद मिलेगी । अचिंत ने कहा , मेरे और परिवार के लिए जिंदगी कभी आसान नहीं रही । एक रोटी का बड़ी मुश्किल से नसीब होता था । उन्होंने कहा , सरकार की मदद हो जाए तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सुधार जाएगा ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
if you have any doubts, please let me know