नई दिल्ली। पालम इलाके में मंगलवार शाम वायु सेना कर्मचारी की पत्नी और बेटे की उसके घर में हत्या कर दी गई। हमलावरों ने डंबल से मां-बेटे के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया। शाम को पति के कार्यालय से घर आने पर घटना की जानकारी मिली। सूचना पर पुलिस ने वारदात में किसी परिचित के शामिल होने का शव जताया है। हमलावर वारदात के बाद घर से लगे सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर भी साथ ले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त बबीता वर्मा (52) और उनके बेटे गौरव (27) के रूप में हुई है। बबीता अपने पति कृष्ण स्वरूप सुधीर और गौरव के साथ राजनगर पार्ट एक में रहती थी। कृष्ण स्वरूप पालम स्थित वायु सेना के शिक्षण संस्थान में एकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। गौरव हैदराबाद स्थित डेल कंप्यूटर में काम करता था, लेकिन पिछले एक साल से बेरोजगार था और माता-पिता के पास रहता था। इनके मकान में भूतल पर किराएदार रहते हैं, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर बबीता परिवार के साथ रहती थी।
मंगलवार शाम सुधीर ड्यूटी से घर पहुंचे तो कमरे में पत्नी का लहूलुहान शव देखा। बेटे को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। घर में खून बिखरा पड़ा था। दूसरे कमरे में पहुंचे तो बेटे का शव नजर आया। दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिलने पर आस पास के लोगों में हड़कंप मच गया। जिस तरह से हमलावरों ने बिना रोक-टोक घर में प्रवेश किया है इससे पुलिस को किसी परिचित पर हत्या करने का शक है। घर से गायब होने वाले सामान के बारे में पुलिस सुधीर से पूछताछ कर रही है। पुलिस आस पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को कब्जे में लेकर छानबीन में जुट गई है।
चेहरे को बुरी तरह से कुचला
छानबीन के दौरान पुलिस ने पाया कि मां-बेटे के चेहरों पर ज्यादातर हमले किए हैं। उनकी आंखेें तक निकल आई हैं। गौरव पर ज्यादा हमले किए गए। आशंका है कि हमलावर गौरव की हत्या करना चाहते थे और बीच बचाव में आने की वजह से बबीता को भी मार डाला। हत्या करने के बाद गौरव के शव को दूसरे कमरे में रखे जाने के सबूत भी मिले हैं।कृष्ण स्वरूप सुधीर अपने काम से शाम 7 बजे के आस पास पहली चीज़ उन्हें चौकाती है! की घर का दरवाजा खुला था कृष्ण स्वरूप चीखने लगते है
तब उनके आवाज सुन के पोड़सी भाग के उनके घर में एते है और देखते है की घर में लास पड़ी है !घर के जो सामने बिखरे हुए है उन्हें देख कर लग रहा था की लूट पाट होइ है पोलिश को भी यही लगता है की लूट पाट का मामला है सभी रिश्तेदार को खबर जाती है पडोसी को भी है सभी आते है पोलिश पूछ ताछ करती है मगर कुछ ठोस पता नहीं चलता है कृष्ण स्वरूप के घर के बहार cctv कैमरा लगे थे उसका dvr ग़ायबा था पोलिश को लगता है आम तौर ये होता नहीं है पोलिश कृष्ण स्वरूप पूछती है की आप की किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं ,कृष्ण स्वरूप कहते है किसी से भी नहीं है पोलिश परेशान कोई सुराग नहीं मिल रहा तब पोलिश मोहले में पता करती है की किसके घर cctv लगा है उसी गली लास्ट घर मिलता है जहा cctv लगा था उसको चेक करने पर एक आदमी का 4 सेकंड का वीडियो मिलता है जिसमे एक आदमी अपने हाथ में कुछ लिए हुए और मुँह पर गमछा लपटे हुए जा रहा है
पोलिश को लगता है ये हो सकता है तो ये पैदल आया है इसका मतलब कातिल आस पास का है पोलिश पता करती मगर कुछ नहीं पता चलता है फिर पॉलशि को लगता है की अगर ये पैदल आया है तो ऑटो या बस गया होगा पोलिश उसे इलाके की सभी ऑटो वालो से और बस वालो से पता करती है
तभी एक बैटरी वाला इ रिकशा वाले कुछ बताया की सर उसे दिन एक आदमी यही से मेरे रिकशा में बैठा उसको मेट्रो सेशन जाना था उसके कपडे पर खून के कुछ छीटे थे और मुँह गमछा से ढाका था उसको मेट्रो सेशन पर उतरा तो उसने मुझे 20रु और 10 रु के नोट दिए जिसमे 10 के नोट फाटे थे मने नहीं लिया तो उसने पूछा pytm है तुम्हारे पास मने कहा है उसने मुझे 30 रु पेटम कर दिया। पोलिश को लगा अब कातिल मिल गया पोलिश उसका नंबर लेती है और पता करती है उसे नंबर का रजिस्ट्रेशन अभिशेख नाम पर दर्ज था ,पोलिश को बहुत हैरानी हुई कोयकी वह कृष्ण स्वरूप के बहने का बेटे था पोलिश अभिशेख को उठा लती है
और सोच में पड़ जाती है की ये तो मॉडर के दिन से हमारे साथ था और हमपर दबवा बना रहा था की जल्द से जल्द क़ातिल को पकडे। पॉलिश उसे से पोछती है क्यो मारा अभिशेख बताता है की कुछ दिन पहले मने बुआ से 50000 उदार लिए थे बहाने के शादी के लिए और बुआ को जो टाइम दिया था इस टाइम पे चूका नहीं पाया,बौआ रोज़ फ़ोन करके मांगती थी मै बहुत परेशान था उसे रोज़ बुवा के घर गया तो खाना खाया और हम टीवी देख रहे थे तभी बुआव ने फिर पैसे के लिए कहा मुझे बहुत गुसा आया फिर मैंने डम्बल से बुआ को सर पर मर दिया फीर दूसरे रूम में गौरव था उसको भी मार दिया और किसी को पता न चले इसलिए dvr को निकल कर ले के चला आया।
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