लेस्ली हिल्टन: एक टेस्ट क्रिकेटर का करियर....
हिल्टन को बचाओ, होल्ट को लटकाओ! बैनर ने आग्रह किया। 1954/55 का वेस्ट इंडीज का ऑस्ट्रेलियाई दौरा बारबाडोस में केंसिंग्टन ओवल तक पहुंच गया था और वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जेके होल्ट ने कम स्कोर की एक स्ट्रिंग जमा करने के बाद दो अपेक्षाकृत सरल कैच छोड़े थे। हिल्टन ने जमैका के तेज गेंदबाज लेस्ली हिल्टन का जिक्र किया, जो अपनी पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और जमैका में स्पेनिश टाउन डिस्ट्रिक्ट जेल में फांसी का इंतजार कर रहा था।उन्होंने जनवरी 1935 में बारबाडोस में वेस्टइंडीज के इंग्लैंड दौरे पर पदार्पण किया। बारिश से प्रभावित सतह ने एक अजीब खेल का निर्माण किया। वेस्टइंडीज के 102 के स्कोर के जवाब में इंग्लैंड ने 81/7 पर घोषित किया, और हिल्टन ने 7.3 ओवर में आठ रन देकर तीन विकेट के शानदार आंकड़े लौटाए। उन्होंने पहली पारी में 15 रन बनाए, जो केवल जॉर्ज हेडली के 44 रन से अधिक थे। हिल्टन ने दूसरी बार पारी की शुरुआत की और कप्तान जीसी ग्रांट के रूप में 19 के साथ एक सामरिक चाल में शीर्ष स्कोर किया।
आज कल क्रिकेटर कैसे विवादों में फंसते हैं मैदान पर ही गाली-गलौज कर दिये या बाहर किसी से बदसलूकी कर दिये . किसी ऐड पर कंट्रोवर्सी हो जाये या ज्यादा से ज्यादा स्पॉट फिक्सिंग में नाम आ गया. इतना ही ना? टीम वेस्टइंडीज का लेस्ली हिल्टन पहला इकलौता क्रिकेटर था जिसे फांसी की सजा दी गई. इस फास्ट बॉलर ने अपनी जान से ज्यादा चाहने वाली बीवी का मर्डर किया था. 17 मई 1955 को उसे जमैका में फांसी दे दी गई.लेस्ली हिल्टन ने 1934-35 में ‘RES वायट्स इंग्लिशमेन’ के खिलाफ करियर की पहली टेस्ट सीरीज खेली और इसमें 13 विकेट लिए थे
लव और शक.....
अगले महीने हिल्टन को इश्क हो गया. जमैका के एक इंस्पेक्टर की बिटिया थी लर्लिन रोज से. जो बहुत ही अच्छी थी दोनों के बीच स्टेटस का फासला तो था ही, इसलिए शुरुआत में बड़ी मुश्किलो का सामना करना पढ़ा . लेकिन आखिरकार दोनों के इश्क की जीत होई और दोनों ने 1942 में शादी कर ली.लगभग पांच साल बाद उन्हें एक बेटा हुआ.
1954 में हालात खराब हो गए. अपने कोई ड्रेसमेकिंग बिजनेस का बहाना लेकर लर्लिन अकसर न्यूयॉर्क जाने लगीं थी . बेटे के जनम के साल हिल्टन को एक गुमनाम चिट्ठी मिली. जिसमें लिखा था कि उनकी बीवी के ब्रूकलीन एवेन्यू में रहने वाले उनके दोस्त रॉय फ्रांसिस के साथ नाजायज रिश्ते हैं.
चिट्ठी पढ़कर हिल्टन बेचैन और बहुत गुसमे था , लेकिन यह बात उन्होंने किसी को नहीं बताई. उन्होंने बीवी को तुरंत टेलीग्राम देकर बुलाया. सोचा आएगी तो बात करूंगा और आयी तो बात की थोड़ी टालमटोल के बाद लर्लिन लौट आईं और कहि की किसी भी तरह की बेवफाई से इनकार किया. उन्होंने कहा कि फ्रांसिस से बस उनकी जान-पहचान और दोस्त है. अखबार ‘डेली ग्लीनर’ ने लिखा, ‘मामला सच्चे वैवाहिक बात चीत कर के अंदाज में सेटल हो गया.
खून की रात......
लेकिन हिल्टन को कुछ ही दिनों में वे चिट्ठियां एक अलमारी में भी मिल गईं, जो उनकी बीवी ने फ्रांसिस को भेजी थीं. बौखलाए हिल्टन ने रात में ही अपनी बीवी को जगाया. दोनों में बहस हुई और लर्लिन ने मान लिया कि उनका फ्रांसिस से अफेयर है. लर्लिन ने हिल्टन से यहां तक कह डाला कि तुम में मेरे लेवल की क्लास है ही नहीं, तुमने मुझे कभी खुश नहीं रखा और तुम्हें देखकर ही मैं बीमार हो जाती हूं. खबरें तो यहां तक आईं कि लर्लिन ने अपने कपड़े उतार दिए और निर्वस्त्र होकर हिल्टन को बताया कि वह अब क्या मिस करने वाला है.
हिल्टन तब तक गुस्से में पागल हो चुके थे. वह खिड़की पर रखी बंदूक लेने के लिए लपके. कोर्ट में अपनी सफाई में हिल्टन ने कहा कि उन्होंने खुद को गोली मारने की कोशिश की थी, जो गलती से उसकी वाइफ को लग गई. लेकिन यह दलील कोर्ट में बेमानी रही क्योंकि लर्लिन की बॉडी में 7 गोलियां दागी गई थीं.
विवियन ब्लेक और नोएल नेदरसोल जैसे नामी वकील भी हिल्टन को नहीं बचा पाए. कोर्ट ने 20 अक्टूबर 1954 को उन्हें लर्लिन के मर्डर का दोषी पाया.
उनकी फांसी के लिए जो तारीख तय हुई वो थी 17 मई 1955. इसी दिन ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच केंसिग्टन ओवल मैदान पर ही टेस्ट मैच खेला जा रहा था. वेस्ट इंडीज के ओपनर जॉन होल्ट क्रीज पर स्ट्रगल कर रहे थे. बाद में उन्होंने स्लिप में दो हलवा कैच भी छोड़ दिए. इसी दौरान दर्शक दीर्घा में एक बैनर दिखाई दिया, ‘हैंग होल्ट. सेव हिल्टन.’लेकिन हिल्टन नहीं बचाए जा सके. वह अब तक इकलौते क्रिकेटर हैं, जिन्हें फांसी चढ़ाया गया.





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