रविवार, 8 अगस्त 2021

क्या जेलर ने ही जेल में करवा दिया क़त्ल, तिहाड़ में अंकित गुर्जर की मौत की कहानी





‌अंकित गुर्जर नाम का एक गैंगेस्टर


 ‌अंकित गुर्जर नाम का एक गैंगेस्टर अच्छा खासा इसकी दहशत 8 से ज्यादा मर्डर केस के यूपी में सवा लाख का इनाम रखा और दिल्ली ने 25000 का इनाम रखा एक बार यह अपने गांव में चुनाव लड़ने जा रहा था पोस्टर छपवा या और उस पर लिखा था कि मैं निर्विरोध लड़ना चाहता हूं और जो इसके विरोध में लड़ेगा तो वह अपना खुद सोच ले मैं सेवा करना चाहता हूं गांव की तरक्की करना चाहता हूं दीपक नाम के एक आदमी ने हिमत दिखाई और खड़ा हो गया बाद में उसको गोली मार दी गई इल्जाम अंकित गुर्जर पर आया और ऐसे उसने बहुत सारे कत्ल किए


अंकित गुर्जर गिरफ्तार


2020 में दिल्ली के पूर्व पुलिस स्पेशल सेल ने सवा लाख के इनामी अंकित गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया और गिरफ्तार करके उसे तिहाड़ जेल ले जाया गया तिहाड़ जेल में बंद था 20 से 21 हो गये थे 3 अगस्त 3 दिन पहले तिहाड़ जेल के अंदर आम तौर पर चेकिंग होती है तलाशी होती है सब कुछ होता है जेल के बाहर जो सिक्योरिटी होती है जेल को अगर सही तरीके से देखा जाए तो तिहाड़ को चार अलग-अलग कटेरी कैटेगरी में बटा हुआ है तिहाड़ के अंदर जो सारे कैदी होते हैं उनके सेल और जो बहुत ही ज्यादा खतरनाक कैदी हैं उनके सेल इन सब की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी तमिल नाडु तमिलनाडु स्पेशल फोर्स पूरी कैदियों पर नजर रखती है


इसके अलावा सीआरपीएफ है आइटीबीपी है दिल्ली आर्म्ड पुलिस है और जेल स्टाफ इन सब की ड्यूटी जेल के बाहर होती है मगर जेल के अंदर तमिलनाडु पुलिस की होती है हालांकि इसकी वजह क्या है कई बार ही यह बात तो ठीक तो पता चला कि तमिलनाडु पुलिस के जो लोग हैं वह लोग  इधर के लैंग्वेज ज्यादा नहीं जानते और इधर के लोगों से बात नहीं कर पाएंगे और इससे रिश्वत का कोई मामला नहीं होंगे


तिहाड़ जेल के अंदर अंकित गुर्जर मौत


 3 अगस्त को खबर आती है कि अंकित गुर्जर के पास तलाशी के दौरान एक मोबाइल मिलती इल्जाम यह है कि जो डिप्टी सुपरडेंट जेल नंबर तीन के थे उन्होंने पकड़ा और पकड़ने के बाद अंकित गुर्जर के साथ कुछ बहस हुई और उन्होंने एक थप्पड़ मार दिया फिर अंकित गुर्जर ने उसके जवाब में उन्हें एक थप्पड़ वह भी मार दिया और सभी कैदी देख रहे थे कुछ देर बाद तिहाड़ के सभी स्टाफ अंकित गुर्जर के कमरे में पहुंचते हैं और उसकी बहुत पिटाई करते हैं और इतनी बुरी तरह से मारते हैं कि वह बेहोश हो जाता है

बाद में उसे फर्स्ट एड के लिए ले जाया जाता है मगर वहां भी डॉक्टर कहते हैं कि नहीं आप इसको दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल में ले जाइए मगर जेल की स्टाफ कहते हैं किसको हम बाहर नहीं ले जा सकते शायद इससे बात खुल जाए और सच्चाई सामने आ जाए और वही रहता है और अगले दिन सुबह अंकित गुर्जर के परिवार वाले को खबर दी जाती है कि उसकी मौत हो गई है घरवालों को कारण यह बताया जाता है कि कैदियों के साथ कुछ हाथापाई हो गई थी जिसमें अंकित गुर्जर की मौत हो गई और दो और कैदी भी घायल है यह 4 अगस्त की सुबह जेल स्टाफ का बयान था 3 अगस्त को जब यह सब कुछ हुआ यह मोबाइल मिला और सुप्रिडेंट साहब को पीटा गया वहां पर एक और कैदी था और वह कह दी उसी दिन बाहर आ रहा था बेल पर वह बाहर आया और अंकित के घरवालों को फोन किया अंकित के पिता से बताया कि आपके बेटे की बहुत बुरी तरह से पिटाई की गई है

अब यह 3 अगस्त की बात है तिहाड़ जेल यह बयान है कि 4 अगस्त की सुबह अंकित गुर्जर जख्मी है तो यह बात समझ में नहीं आई खैर मरने की खबर आई तो परिवार वालों ने यह कहा कि यह बात तो हमें उसी दिन फोन करके बता दिया था उसने बाकायदा जेल से बाहर आने के बाद एक वीडियो बनाया और उसने एक विटनेस की तरह सारी चीजें वीडियो में बताएं कि मेरा बेल हो रहा था मैं बाहर आ रहा था तो अंकित गुर्जर को सुप्रिडेंट साहब ने एक थप्पड़ मारा उसके बदले में अंकित ने भी उन्हें एक थप्पड़ मारा वहां पर कैदी देख रहे थे

फिर जेल नंबर तीन में जाके सुपरिटेंडेंट साहब ने 30 से 35 लोगों को ले जाकर उसकी पिटाई की पिटाई की वजह से उसकी जान चली जाती है मामला इसलिए गंभीर है  तिहाड़ जेल के अंदर एक तो यह सारी चीजें तिहाड़ जेल के ऊपर तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ उंगली उठा रही थी जो जेल के डीजी हैं संदीप गोयल उन्होंने जेल नंबर तीन में काम कर रहे कुछ पुलिसकर्मी को वहा से हटा दिय ताकि जाँच में सब कुछ ठीक से पता चले......

अंकित गुर्जर
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