एक स्पेनिश चित्रकार जिसे व्यापक रूप से २०वीं शताब्दी का सबसे महत्वपूर्ण कलाकार माना जाता है। उन्होंने अपने लंबे करियर में शैलियों और विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ प्रयोग किया, विशेष रूप से प्रेरक 'क्यूबिज्म'।
पाब्लो रुइज़ का जन्म 25 अक्टूबर 1881 को मलागा में एक कला शिक्षक के बेटे के रूप में हुआ था। बाद में उन्होंने अपनी मां के पहले नाम पिकासो को अपनाया। वह कम उम्र में कलात्मक प्रतिभा दिखाते हुए बार्सिलोना में पले-बढ़े। १९०० के दशक की शुरुआत में, वह अंततः १९०४ में पेरिस में बसने से पहले फ्रांस और स्पेन के बीच चले गए। वहां उन्होंने कई शैलियों के साथ प्रयोग किया और अपने स्वयं के मूल का निर्माण किया, जो उनके 'ब्लू' और 'रोज' काल में परिलक्षित हुआ।
1907 में पिकासो ने एक क्रांतिकारी कृति 'लेस डेमोसेलेस डी'विग्नन' को चित्रित किया, जिसने एक प्रमुख नई शैली - 'क्यूबिज़्म' को पेश किया। पिकासो ने इस शैली के विकास में फ्रांसीसी कलाकार जॉर्जेस ब्रैक के साथ मिलकर काम किया। पिकासो का अगला प्रमुख नवाचार, 1912 में, 'कोलाज' था, जिसमें उनके चित्रों में कपड़े, समाचार पत्र या विज्ञापन के टुकड़े शामिल थे।
पिकासो अब शैली से शैली में चले गए, पेंटिंग और मूर्तिकला के साथ प्रयोग करते हुए और अतियथार्थवादी आंदोलन में शामिल हो गए। 1937 में, उन्होंने 'ग्वेर्निका' का निर्माण किया, जो स्पेनिश गृहयुद्ध के दौरान जर्मन हमलावरों द्वारा उत्तरी स्पेन में शहर के विनाश से प्रेरित एक पेंटिंग थी। पिकासो ने जनरल फ्रांसिस्को फ्रेंको से लड़ने वाली रिपब्लिकन सरकार का समर्थन किया, और फ्रेंको की जीत के बाद कभी स्पेन नहीं लौटे।
कई कलाकारों के विपरीत, पिकासो जर्मन कब्जे के दौरान पेरिस में रहे। 1946 से अपनी मृत्यु तक वे मुख्य रूप से फ्रांस के दक्षिण में रहे। उन्होंने पेंटिंग, मूर्तियां, नक़्क़ाशी और चीनी मिट्टी की चीज़ें सहित कई तरह के काम करना जारी रखा।
पिकासो अपने जीवन के दौरान कई महिलाओं के साथ शामिल थे जो अक्सर कलात्मक संगीत के साथ-साथ प्रेमी भी थीं। उनके चार बच्चे थे। 8 अप्रैल 1973 को कान्स के पास उनके घर में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
उनकी पेंटिंग्स दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं...
एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया।
वह दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली, 'सर, मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूँ। आपकी पेंटिंग्स मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं। क्या आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बनायेंगे...
पिकासो हँसते हुए बोले, 'मैं यहाँ खाली हाथ हूँ। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं फिर कभी आपके लिए एक पेंटिंग बना दूंगा..
लेकिन उस महिला ने भी जिद पकड़ ली, 'मुझे अभी एक पेंटिंग बना दीजिये, बाद में पता नहीं मैं आपसे मिल पाऊँगी या नहीं।'
पिकासो ने जेब से एक छोटा सा कागज निकाला और अपने पेन से उसपर कुछ बनाने लगे। करीब 10 मिनट के अंदर पिकासो ने पेंटिंग बनायीं और कहा, 'यह लो, यह मिलियन डॉलर की पेंटिंग है।'
महिला को बड़ा अजीब लगा कि पिकासो ने बस 10 मिनट में जल्दी से एक काम चलाऊ पेंटिंग बना दी है और बोल रहे हैं कि मिलियन डॉलर की पेंटिग है। उसने वह पेंटिंग ली और बिना कुछ बोले अपने घर आ गयी..
उसे लगा पिकासो उसको पागल बना रहा है। वह बाजार गयी और उस पेंटिंग की कीमत पता की। उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि वह पेंटिंग वास्तव में मिलियन डॉलर की थी..
वह भागी-भागी एक बार फिर पिकासो के पास आयी और बोली, 'सर आपने बिलकुल सही कहा था। यह तो मिलियन डॉलर की ही पेंटिंग है ।
पिकासो ने हँसते हुए कहा,'मैंने तो आपसे पहले ही कहा था ।
वह महिला बोली, 'सर, आप मुझे अपनी स्टूडेंट बना लीजिये और मुझे भी पेंटिंग बनानी सिखा दीजिये। जैसे आपने 10 मिनट में मिलियन डॉलर की पेंटिंग बना दी, वैसे ही मैं भी 10 मिनट में न सही, 10 घंटे में ही अच्छी पेंटिंग बना सकूँ, मुझे ऐसा बना दीजिये।'
पिकासो ने हँसते हुए कहा...यह पेंटिंग, जो मैंने 10 मिनट में बनायी है ...इसे सीखने में मुझे 30 साल का समय लगा है.....
मैंने अपने जीवन के 30 साल सीखने में दिए हैं .. तुम भी दो, सीख जाओगी..
वह महिला अवाक् और निःशब्द होकर पिकासो को देखती रह गयी...!!
अनवरत अथक परिश्रम और एक ईमानदार प्रयास ही जीवन में सफलता का मूल कारण है
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